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उत्तराखंड के नए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने संभाली जिम्मेदारी, सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं

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सोमवार को देहरादून का लोक भवन एक बड़े संवैधानिक उत्सव का साक्षी बना। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें शपथ दिलाई और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित रहकर उन्हें हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि डॉ. बिसेन का लंबा राजनीतिक व प्रशासनिक अनुभव देवभूमि के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा।

उत्तराखंड को सोमवार को अपना नया राज्यपाल मिल गया। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने देहरादून स्थित लोक भवन में प्रदेश के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. बिसेन की नियुक्ति उत्तराखंड के लिए हर्ष का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए राज्यपाल के लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का लाभ प्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में लंबे अनुभव के साथ डॉ. बिसेन ने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। ऐसे में उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारियों को समझने और उनका निर्वहन करने में उनका अनुभव महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने उनके सफल कार्यकाल की कामना करते हुए कहा कि जनसेवा और संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति उनकी निष्ठा प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करने में सहायक होगी।राज्यपाल का पद राज्य की शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण संवैधानिक भूमिका रखता है। राज्यपाल को संविधान के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करना होता है। ऐसे में डॉ. बिसेन के सामने उत्तराखंड में संवैधानिक संस्थाओं के बीच संतुलन और मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी। प्रदेश में निर्वाचित सरकार और राजभवन के बीच बेहतर समन्वय शासन व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मुख्यमंत्री धामी की ओर से डॉ. बिसेन के अनुभव और संवैधानिक निष्ठा पर जताया गया विश्वास इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन का सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक अनुभव लंबा रहा है। उन्होंने मध्य प्रदेश की राजनीति में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के साथ सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य किया है। राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। अब राज्यपाल के रूप में उनके सामने राजनीतिक भूमिका से अलग संवैधानिक दायित्वों को प्राथमिकता देने की जिम्मेदारी होगी। उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब प्रदेश में विकास, प्रशासनिक सुधार और संवैधानिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में उनके अनुभव और कार्यशैली पर राजनीतिक तथा प्रशासनिक हलकों की नजर रहेगी। मुख्यमंत्री धामी ने डॉ. बिसेन के सफल कार्यकाल की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से उत्तराखंड को लाभ मिलेगा। अब नए राज्यपाल के कार्यकाल में संविधान की मर्यादा, लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यहित से जुड़े विषयों पर उनके निर्णय और भूमिका महत्वपूर्ण रहेंगे। शपथ के साथ डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में नई संवैधानिक पारी शुरू कर दी है।