धनबाद में पुलिस का सालाना निशानेबाजी अभियान: डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने खुद परखा निशाना

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धनबाद। सटीक अचूक निशाना, हथियारों पर मजबूत पकड़ और पलक झपकते ही दुश्मन को ढेर करने की रणनीति। कोयलांचल में कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अपराधियों के मंसूबों को नेस्तनाबूद करने के लिए धनबाद पुलिस ने हीरक रोड स्थित फायरिंग रेंज में अपना 'सालाना निशानेबाजी अभियान' (मेगा फायरिंग ड्रिल) शुरू कर दिया है। 18 जून से शुरू हुआ यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 30 जून तक अनवरत जारी रहेगा। इस हाई-प्रोफाइल ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की पेशेवर दक्षता को और अधिक धारदार बनाना है, ताकि किसी भी विपरीत और दबावपूर्ण परिस्थिति में जवान बिना हिचकिचाहट के त्वरित और सटीक कार्रवाई कर सकें। इस वर्ष आयोजित हो रहे इस कड़े प्रशिक्षण सत्र में जिले के कुल 2586 पुलिस पदाधिकारी और जवान हिस्सा ले रहे हैं। निर्धारित मानकों के तहत सभी जवानों को अलग-अलग अत्याधुनिक हथियारों का संचालन सिखाया जा रहा है। फायरिंग रेंज में केवल सीधा निशाना ही नहीं, बल्कि वास्तविक मुठभेड़ जैसी परिस्थितियां पैदा कर अभ्यास कराया जा रहा है। जवानों को खड़े होकर,घुटने के बल बैठकर अन्य निर्धारित युद्धक मुद्राओं  में लक्ष्य भेदने (टारगेट हिट करने) का कड़ा अभ्यास कराया जा रहा है। शनिवार को फायरिंग रेंज में उस समय उत्साह और दोगुना हो गया जब जिले के आला अधिकारी खुद व्यवस्था का जायजा लेने मैदान में उतरे। उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, सिटी एसपी रित्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब और डीएसपी (विधि-व्यवस्था) प्रकाश सोय ने न केवल ड्रिल का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि खुद भी हथियारों का ट्रिगर दबाकर अपना निशाना परखा। वरिष्ठ अधिकारियों को अपने बीच फायरिंग करते देख मैदान में मौजूद जवानों का हौसला सातवें आसमान पर पहुंच गया। एसएसपी प्रभात कुमार और डीसी आदित्य रंजन ने बताया कि यह वार्षिक लक्ष्यदक्षता अभियान पुलिसिंग का एक बेहद अनिवार्य हिस्सा है। नियमित अभ्यास से जवानों के भीतर का डर खत्म होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। इस 12 दिवसीय अभियान के समापन पर सभी 2586 पुलिसकर्मियों की फायरिंग सटीकता का एक कड़ा मूल्यांकन तैयार किया जाएगा। जिन जवानों या अधिकारियों का निशाना तय मानकों से कमजोर पाया जाएगा, उन्हें चिन्हित कर विभाग द्वारा 'विशेष अतिरिक्त प्रशिक्षण' (एक्स्ट्रा ड्रिल) दिया जाएगा। सुरक्षा मानकों को लेकर रेंज में कड़े निर्देश लागू हैं।