मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का सख्त निर्देश: स्वतंत्रता दिवस तक हर हाल में आवंटित करें सभी निर्मित आवास

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देहरादून। उत्तराखंड में अपने घर का सपना देख रहे हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी और खुशियों भरी खबर है। प्रदेश सरकार आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) तक राज्य के 13,576 पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास योजना) के तहत बने पक्के मकानों का आवंटन कर देगी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित 'पीएम आवास योजना' की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारियों को इसके सख्त निर्देश जारी किए हैं। सरकार की इस पहल से न केवल गरीब परिवारों को अपनी छत मिलेगी, बल्कि स्वतंत्रता दिवस का जश्न उनके लिए और भी खास हो जाएगा।

सचिवालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने किफायती आवास परियोजना (एएचपी प्रोजेक्ट) की गति को और तेज करने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने कड़े लहजे में कहा कि एएचपी प्रोजेक्ट के तहत निर्मित हो चुके सभी 13,576 आवासों का आवंटन हर हाल में 15 अगस्त तक सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने इन सभी आवासों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर 'ऑपरेशनल' (रहने योग्य और क्रियाशील) करने के भी आदेश दिए, ताकि लाभार्थियों को तुरंत इसका कब्जा मिल सके। परियोजनाओं में किसी भी तरह की देरी को रोकने के लिए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव (शहरी विकास एवं आवास विभाग) को आदेश दिया कि किफायती आवास परियोजनाओं की प्रगति की हर हफ्ते स्वयं निगरानी करें। मुख्य सचिव ने कहा केंद्र सरकार के साथ हुए समझौता ज्ञापन के अनुसार सभी प्रोजेक्टों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सचिव (आवास विभाग), शहरी विकास विभाग, निदेशक (शहरी विकास) और सीटीसीपी आपस में तालमेल बिठाकर संयुक्त रूप से हर हफ्ते समीक्षा बैठक करें, ताकि धरातल पर काम की गति प्रभावित न हो। सरकार इस योजना के तहत समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैठक में विशेष रूप से निर्देशित किया कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों (रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों), पर्यावरण मित्रों (स्वच्छता कर्मियों) तथा समाज के अन्य आर्थिक रूप से कमजोर व पात्र लाभार्थियों को इस योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर उपयुक्त आवास उपलब्ध कराए जाएं। इस महत्वपूर्ण बैठक में आवास और शहरी विकास विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और निदेशक उपस्थित रहे। सरकार की इस सक्रियता और कड़े रुख से यह साफ है कि आगामी 15 अगस्त तक उत्तराखंड के हजारों परिवारों के 'गृह प्रवेश' का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है, जिससे राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में एक बड़ा सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।