लखनऊ। अंत्योदय के प्रणेता, महान विचारक और भारतीय जनसंघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें याद कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी लखनऊ में पंडित जी की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए सीएम योगी ने 25 करोड़ उत्तर प्रदेश वासियों की ओर से उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन भारत और भारतीयता के संवर्धन के लिए पूरी तरह समर्पित था और उनका 'एकात्म मानवदर्शन' आज भी देश के विकास का सबसे बड़ा आदर्श है।
अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का पूरा जीवन भारत, भारतीयता और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनका एकात्म मानव दर्शन आज भी समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वर्ष 1942 में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में अपना जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित किया। वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और 1967 में वे जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 11 फरवरी 1968 को उनका निधन हुआ। योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश को ‘एकात्म मानव दर्शन’ दिया। इस दर्शन का मूल उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को स्वावलंबी और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय का यही विचार आज गरीब कल्याण की विभिन्न योजनाओं के केंद्र में है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान गरीबों और वंचित वर्गों के लिए बड़े स्तर पर काम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि चार करोड़ लोगों को आवास, 12 करोड़ को शौचालय, 10 करोड़ को उज्ज्वला गैस कनेक्शन और साढ़े तीन करोड़ लोगों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि करीब 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है और इन प्रयासों से 26 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित और भारतीय मूल्यों के लिए समर्पित किया। वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विचारधारा और कार्यशैली देश के लिए प्रेरणा बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों में कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने में भी भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल का दर्शन केवल राजनीतिक विचारधारा तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के विकास और सम्मान की अवधारणा से जुड़ा था। उनके विचारों में आर्थिक विकास के साथ सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भरता को भी महत्व दिया गया। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हुए, जहां उन्हें ‘उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो’ के उद्घाटन समारोह में शामिल होना था। दीनदयाल जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री का संदेश गरीब कल्याण, अंत्योदय और अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने पर केंद्रित रहा।

