बदरीनाथ मंदिर चोरी मामले पर भड़के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कहा- गोहत्या जैसा है यह अपराध

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देहरादून। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध भू-वैकुंठ बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत कड़ा और संवेदनशील रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर बताते हुए स्पष्ट कहा है कि आस्था के केंद्र मंदिर में चढ़ावे की चोरी करना गोहत्या और अपने माता-पिता की हत्या करने जैसे जघन्य महापाप के समान है। उन्होंने दोटूक लहजे में चेतावनी दी कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस प्रकार के अक्षम्य अपराध को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त या माफ नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।

दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को हरिद्वार के कनखल में प्रसिद्ध रामकथा वाचक मोरारी बापू से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। इस दौरान मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत में बदरीनाथ धाम के इस मामले पर उनका दर्द और गुस्सा साफ दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, "बदरीनाथ मंदिर में चोरी जैसे घिनौने प्रकरण से देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं गहरी आहत हुई हैं। देवभूमि के देवस्थानों की पवित्रता को भंग करने का अधिकार किसी को नहीं है।" उन्होंने साफ किया कि भ्रष्टाचार और धार्मिक गबन के ऐसे मामलों में उनकी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है। मुख्यमंत्री धामी ने वर्तमान स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पुलिस इस मामले में अपने स्तर पर कानूनी जांच को आगे बढ़ा रही है। इसके साथ ही, पूरे प्रकरण की गहराई और निष्पक्षता से जांच करने के लिए सरकार ने एक विशेष उच्चस्तरीय समिति का भी गठन कर दिया है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा, "देवस्थानों की गरिमा और श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास की रक्षा करना हमारी सरकार की सर्वोच्च और प्राथमिक जिम्मेदारी है। जैसे ही जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट हमें प्राप्त होगी, दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में भगवान को अर्पित की जाने वाली थाली भेंट (चढ़ावा) की गणना के दौरान दानराशि उठाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस पर संज्ञान लेते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की लिखित शिकायत पर आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। बीकेटीसी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी कर्मचारी को पहले ही तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह सच पाया गया है कि आरोपी कर्मचारी ने सुबह करीब 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से धनराशि उठाई थी, जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस मामले के सामने आने के बाद बीकेटीसी की विशेष जांच टीम लगातार एक्शन मोड में है। बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी मंदिर समिति के अधिकारियों ने लगभग 40 दिन पुराने सीसीटीवी फुटेज का बेहद बारीकी से अवलोकन किया। जाँच टीम थाली भेंट गणना प्रक्रिया से जुड़ी प्रत्येक छोटी-बड़ी गतिविधि की तकनीकी पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खेल कितने समय से चल रहा था। इसके अलावा मंदिर समिति के अन्य साथी कर्मचारियों से भी पूछताछ कर अहम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी टीम द्वारा दिनभर अलग-अलग चरणों में सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन परीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा, "प्रकरण की जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बहुत जल्द ही इसकी एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाएगी, ताकि कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।