Mar 13, 2026

फीस बढ़ोतरी और ड्रेस के दबाव पर होगी जेल: हल्द्वानी सिटी मजिस्ट्रेट ने निजी स्कूल प्रबंधकों को दी कड़ी चेतावनी

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उत्तराखंड में अप्रैल से स्कूलों का नया शैक्षिक सत्र शुरू हो जाएगा। हर साल निजी स्कूलों की ढेरों शिकायतें प्रशासन के पास आती हैं। इनमें मनमानी फीस वसूली, स्कूल या किसी विशेष दुकान से कॉपी-किताबें और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाना और शिकायतों की अनदेखी करना शामिल हैं। नैनीताल जिला प्रशासन ने सत्र शुरू होने से पहले ही सभी निजी स्कूलों के प्रबंधकों के साथ बैठक की। बैठक में शिक्षा विभाग के अफसर भी मौजूद रहे। 

 नैनीताल जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधक और प्रिंसिपल के साथ बैठक की। बैठक के दौरान आगामी नए शिक्षण सत्र से जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई SOP के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने बताया कि यदि निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों को कॉपी किताब ड्रेस एक ही दुकान से खरीदने सहित फीस बढ़ोत्तरी को लेकर शिकायत की जाती है, तो तत्काल निजी विद्यालयों के खिलाफ जांच करा कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हल्द्वानी में नए शैक्षणिक सत्र से पहले जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को स्पष्ट चेतावनी दे दी है. शहर के सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों और प्रिंसिपलों के साथ आयोजित बैठक में प्रशासन ने स्कूल संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए. बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने कहा कि आगामी सत्र से सभी निजी विद्यालयों को जिला प्रशासन द्वारा तय की गई एसओपी के अनुसार ही कार्य करना होगा. अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी. कई बार शिकायतें सामने आती हैं कि निजी स्कूल अभिभावकों को कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री एक ही निर्धारित दुकान से खरीदने के लिए बाध्य करते हैं। इससे अभिभावकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। प्रशासन ने इस तरह की व्यवस्था को पूरी तरह गलत बताते हुए स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी है। यदि इस तरह की शिकायतें मिलती हैं तो तुरंत जांच कराई जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि यदि कोई निजी विद्यालय अभिभावकों को एक ही दुकान से किताब या ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर करता है या बिना अनुमति के फीस में बढ़ोत्तरी करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों का भविष्य संवारना है, न कि अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बनाना। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधकों को पारदर्शी व्यवस्था अपनाने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं,ताकि अभिभावकों और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की अनियमितता या दबाव का सामना करना पड़ता है, तो इसकी शिकायत प्रशासन और शिक्षा विभाग से करें, ताकि तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।