नई दिल्ली। मणिपुर में एक बार फिर हिंसा ने भयावह रूप ले लिया है। ताजा घटना में रॉकेट हमले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद कई जिलों में हालात तेजी से बिगड़ गए हैं और प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े हैं। जानकारी के मुताबिक यह हमला मोइरांग थाना क्षेत्र के ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई में देर रात करीब 1 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि उग्रवादियों द्वारा दागा गया एक रॉकेट सीधे एक घर पर आ गिरा। विस्फोट इतना भीषण था कि एक 5 वर्षीय बच्चे और महज 5 महीने की बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हमले में बच्चों की मां गंभीर रूप से घायल हो गई हैं और उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद पूरे घाटी क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बिष्णुपुर जिले में प्रदर्शनकारियों ने दो बिटुमेन टैंकर और लोहे की छड़ों से भरे एक ट्रक को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि ये वाहन चुराचांदपुर की ओर जा रहे थे। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मोइरांग पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करने लगे।
इसके बाद भीड़ ने बिष्णुपुर और चुराचांदपुर की सीमा पर स्थित पहाड़ी इलाके में एक सुरक्षा कैंप की ओर भी बढ़ने की कोशिश की, जिससे हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को कड़ा रुख अपनाना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलीबारी और स्मोक बम का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान कम से कम 19 लोग घायल हो गए, जिन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं घटनास्थल पर एक व्यक्ति की मौत की भी खबर सामने आई है। हालात इतने बिगड़ गए थे कि कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी अपनी जान बचाने के लिए पास की नहर में छिपना पड़ा। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया है। साथ ही अफवाहों पर लगाम लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच घाटी जिलों में तीन दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि इस हमले और इसके पीछे के कारणों की जांच तेज कर दी गई है। लगातार भड़कती हिंसा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब मणिपुर में स्थायी शांति स्थापित हो पाएगी। फिलहाल राज्य में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और हर गतिविधि पर प्रशासन की कड़ी नजर है।
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