देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने बुधवार को अपने शासकीय आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में विभागीय सचिव, स्वास्थ्य महानिदेशक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और त्वरित बनाने के लिए सरकार ने डायग्नोस्टिक सुविधाओं और 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को प्रभावी बनाने की दिशा में कवायद तेज कर दी है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने बुधवार को अपने शासकीय आवास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर राज्यभर में संचालित इन दोनों महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और कार्यप्रणाली की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को 108 एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने के साथ ही सेवा का कार्यक्षेत्र बढ़ाने के लिए ठोस रणनीतिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभागीय सचिव, स्वास्थ्य महानिदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान प्रदेश में उपलब्ध डायग्नोस्टिक जांच सुविधाओं, उनकी वर्तमान स्थिति, लोगों तक उनकी पहुंच और 108 आपातकालीन सेवा की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आपात स्थिति में मरीज तक एंबुलेंस का समय पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में 108 सेवा के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से सेवा के संचालन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में प्राथमिकता से काम करने को कहा। मंत्री ने 108 एंबुलेंस सेवा के कार्यक्षेत्र का विस्तार करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि राज्य के दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की त्वरित पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके लिए विभागीय स्तर पर ऐसी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे जरूरत के समय मरीजों को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके। बैठक में डायग्नोस्टिक सुविधाओं को लेकर भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि समय पर और गुणवत्तापूर्ण जांच चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सही समय पर जांच उपलब्ध होने से बीमारी की पहचान और उपचार शुरू करने में मदद मिलती है। ऐसे में प्रदेश में डायग्नोस्टिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है। सुबोध उनियाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से जुड़े निर्णय केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव आम मरीजों को जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों को प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक के बाद अब 108 सेवा के रिस्पॉन्स टाइम, कवरेज और डायग्नोस्टिक सुविधाओं को लेकर तैयार होने वाली कार्ययोजना पर स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

