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उत्तराखंड: सीएम धामी का कांग्रेस पर तीखा हमला! कहा-लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने के लिए 22 अक्टूबर से शुरू होगा भाजपा का विशेष अभियान

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उत्तराखंड के प्रदेश मुख्यालय देहरादून में आयोजित एक महत्वपूर्ण और तीखे तेवरों वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि देश की व्यवस्था को अस्थिर करने और भ्रम फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी राज्यभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का संचालन करेगी। इस विशेष जन-अभियान का पहला चरण आगामी 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक, पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भाजपा के नए अभियान की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा प्रदेश में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी। इसका पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत प्रदेश के सभी 13 जिलों में पदयात्राएं निकालने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को प्रभावित करने, जनादेश का सम्मान नहीं करने और जनता के बीच भ्रामक धारणा बनाने के आरोप लगाए। गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जिस तरह के हालात बनाए जा रहे हैं, वे लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं। स्वस्थ लोकतंत्र में व्यवस्था और संस्थाओं की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय तक केंद्र और विभिन्न राज्यों में सत्ता में रहने के बाद भी जनता के फैसले को सहजता से स्वीकार नहीं कर पा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद से कांग्रेस का रवैया लगातार टकराव वाला रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत 31 अक्टूबर को श्रीनगर में बड़े स्तर पर पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 2 नवंबर को देहरादून में विशाल पदयात्रा आयोजित होगी, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का लक्ष्य बताया गया है। 3 नवंबर को रुद्रपुर में भी पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी 13 जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। धामी ने कहा कि अभियान के माध्यम से जनता को भाजपा अपना पक्ष बताएगी और कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर जवाब देगी। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए गलत धारणाएं फैलाने का आरोप लगाया। हालांकि, अभियान में प्रस्तावित भागीदारी और इसके राजनीतिक प्रभाव का आकलन कार्यक्रमों के आयोजन के बाद ही किया जा सकेगा। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार और मतदाता सूची के शुद्धिकरण पर आपत्ति होने पर उचित मंच पर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने अपने मतदाता पहचान से जुड़े अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका नाम तीन जगह से हटाया गया था और अब खटीमा में दर्ज है। उन्होंने सवाल किया कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में आखिर बुराई क्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन आपत्तियों को तथ्यों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर जनादेश का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग के मौजूदा नेतृत्व को लेकर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में कांग्रेस को अपने लंबे समय से जारी चुनावी प्रदर्शन पर भी विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को अपनी भाषा और आचरण की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताई। साथ ही, पूर्व सेना प्रमुख और देश के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के संबंध में कांग्रेस नेताओं की पूर्व टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। धामी ने कहा कि संविधान की प्रति लेकर चलना पर्याप्त नहीं है, उसके मूल्यों और संस्थाओं का सम्मान करना भी जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को देश की जनता की अपेक्षाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जिम्मेदारी से अपनी बात रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के युवा जागरूक हैं और देश की परिस्थितियों को समझते हैं। उन्होंने ‘जेन जी’ के स्थान पर ‘इंडियन जेनरेशन’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि नई पीढ़ी ज्ञान और जानकारी से संपन्न है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विचार का भी उल्लेख किया, जिसमें बच्चों और सरकार के बीच आत्मीय संबंध की बात कही गई है। धामी ने कहा कि सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाती रहेगी और सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। उन्होंने मदरसों के लिए प्राधिकरण बनाने के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यवस्था में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने नवरात्र, विजयादशमी और दीपावली के आसपास विरोध-प्रदर्शनों को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन त्योहारों के समय बाजारों और सामान्य जनजीवन को बाधित करने से व्यापार प्रभावित हो सकता है। उनके अनुसार, दीपावली के दौरान बाजारों में कारोबार बढ़ता है और ऐसे समय में व्यवधान से दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार को नुकसान होने की आशंका है। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह विभिन्न मुद्दों को राजनीतिक रूप देकर सरकार के कामकाज में व्यवधान पैदा करती है। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यक्रम से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए भी उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री की पत्रकार वार्ता से स्पष्ट है कि भाजपा आगामी दिनों में कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए प्रदेशव्यापी जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी में है। श्रीनगर, देहरादून और रुद्रपुर की पदयात्राओं को इस अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा का अभियान किन मुद्दों को केंद्र में रखता है, कांग्रेस इन आरोपों का क्या जवाब देती है और मतदाता सूची सहित लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े विवादों पर तथ्यों के आधार पर कितनी स्पष्टता सामने आती है। फिलहाल, उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।