Feb 16, 2026

उत्तराखंड बार काउंसिल के 23 पदों पर 104 प्रत्याशी, 17 फरवरी को मतदान

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नैनीताल। उत्तराखंड बार काउंसिल के 23 सदस्यों के निर्वाचन के लिए 17 फरवरी को होने वाले चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस महत्वपूर्ण चुनाव में प्रदेशभर के करीब साढ़े 14 हजार अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 23 पदों के लिए कुल 104 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला काफी रोचक होने की संभावना है।चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य के सभी जिला एवं सिविल न्यायालयों की बार एसोसिएशनों को मतदान केंद्र बनाया गया है। शासन स्तर पर भी चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। विभिन्न जनपदों में तैनात एसडीएम और तहसीलदारों को मुख्य मतदान अधिकारी के रूप में सेवाएं देने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

बार काउंसिल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पूर्व न्यायाधीश रामऔतार सिंह द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में मतदान केंद्रों पर मतदान अधिकारियों की नियुक्ति करेंगे। चुनाव से पूर्व मतदाता सूची और आवश्यक चुनाव सामग्री जिला मुख्यालयों को उपलब्ध करा दी गई है। मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के तुरंत बाद सभी सीलबंद मतपत्र और आवश्यक दस्तावेज विशेष वाहकों के माध्यम से नैनीताल क्लब भेजे जाएंगे, जहां 20 फरवरी 2026 से मतगणना प्रारंभ की जाएगी। मतदान की व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए प्रत्येक 200 अधिवक्ताओं पर एक पृथक मतदान केंद्र बनाया जाएगा। साथ ही प्रत्येक केंद्र पर कम से कम एक वोटिंग कम्पार्टमेंट अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाएगा। मतदान केंद्र के भीतर पर्याप्त प्रकाश और लेखन कार्य के लिए उपयुक्त टेबल-कुर्सियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।मतदाताओं की पहचान को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिवक्ताओं को मतदान के समय राज्य विधिज्ञ परिषद द्वारा जारी परिचय पत्र, पंजीकरण प्रमाणपत्र, सीओपी प्रमाणपत्र अथवा बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी एआईबीई प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। बिना वैध पहचान पत्र के किसी को मतदान की अनुमति नहीं दी जाएगी।चुनाव आचार-संहिता के तहत मतदान केंद्र के 50 गज के दायरे में किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाना भी वर्जित होगा और मतदाताओं को इसे बाहर ही जमा करना होगा। यदि किसी मतदाता का मतपत्र खराब हो जाता है, तो उस पर अंतिम निर्णय का अधिकार प्रभारी मतदान अधिकारी के पास होगा।इस चुनाव को प्रदेश की विधिक बिरादरी के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि बार काउंसिल के सदस्य अधिवक्ताओं के हितों, अनुशासन और पेशेवर मानकों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में 17 फरवरी को होने वाला यह मतदान उत्तराखंड की कानूनी व्यवस्था के दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है।