Mar 17, 2026

उत्तराखंड में 87 प्रतिशत मतदाता मैपिंग पूरी, सभी जिलों में विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारियां तेज

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देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्री-एसआईआर चरण के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है। यह जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दी। बैठक में नवीन महाराज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने राजस्थान में हाल ही में संपन्न विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अपने अनुभव साझा किए। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उन्होंने बताया कि किस प्रकार तकनीकी संसाधनों, बेहतर समन्वय और जमीनी स्तर पर सक्रिय टीमवर्क से एसआईआर प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उनके अनुभवों से उत्तराखंड में भी इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की मैपिंग तेजी से पूरी की जा रही है। हालांकि कुछ बूथों पर कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी है, जिसे लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पूर्ण मैपिंग होने से विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन विभाग का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक मतदाता का सही और अद्यतन विवरण तैयार करना है, ताकि भविष्य में होने वाले चुनावों में मतदाता सूची त्रुटिरहित रहे। इससे न केवल मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी या दोहराव वाले नामों को भी हटाने में सहायता मिलेगी। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्रा, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, राजस्थान के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एमएम तिवारी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास और एनके मीणा सहित देहरादून के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह तथा सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि निर्धारित समय के भीतर शत-प्रतिशत मैपिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा, जिससे आगामी चुनावों के लिए मजबूत और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार हो सकेगी।